मो.फारूक की रिपोर्ट आप को बता दे की स्वामी आत्मा नन्द बिद्यालय खड़गवा मे ताला लटक रहा था जबकि विधालय का समय सुबह 7.15 बजे का है और उस समय तक विधालय मे ताला लटक रहा था दूर दराज से बच्चे आकर विधालय के गेट खुलने का इंतजार करते नजर आए. प्रबंधक की बड़ी लापरवाही देखने को मिली जहा पे सबसे पहले स्कूल के टीचर और स्टाफ को पहुंचना चाहिए वहां पे विधालय सबसे पहले बच्चे पहुंच रहे हैं और वहां पे खड़े होके बिद्यालय का ताला खुलने का इंतजार कर रहे हैं. अब देखने वाली बात यह है की इस खबर का क्या असर होता है. या ऐसे ही बच्चे रोज आके ताला खुकने का इंतजार करते है वैसे आप को बताना चाहूंगा की विधालय लगने का समय 7.15 जबकि 7.20 तक ताला बंद था और इस समय तक कोई टीचर या स्टाफ स्कूल नहीं पहुंच पाया था. Post navigation मनेन्द्रगढ़ में ‘युवा संवाद बजट 2026’ कार्यक्रम: युवाओं से बोले स्वास्थ्य मंत्री — बजट युवाशक्ति को समर्पित विकास का रोडमैप सुदूर वनांचल में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य लिए नई पहल