मो.फारूक की रिपोर्ट एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। जिला मुख्यालय स्थित Government Civil Hospital Manendragarh का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से उन्नयन कर 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल बनाए जाने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार हो रहा है। डॉक्टरों की उपलब्धता, विशेषज्ञ सेवाएं, बेड क्षमता, ऑपरेशन और डायलासिस जैसी सुविधाओं के बढ़ने से क्षेत्रीय मरीजों को अब बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर मिल रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, बीते महीनों में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ विभागवार सेवाओं का विस्तार किया गया है, जिससे मनेन्द्रगढ़ और आसपास के ग्रामीण अंचलों के मरीजों की बड़े शहरों पर निर्भरता कम हो रही है। *विशेषज्ञ डॉक्टरों की मजबूत टीम, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा* अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के मुताबिक अस्पताल में वर्तमान में 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कार्यरत है। इनमें 3 मेडिकल स्पेशलिस्ट, 2 सर्जन, 2 नेत्र रोग विशेषज्ञ, 2 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 10 से अधिक एमबीबीएस डॉक्टर भी पदस्थ हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर अस्पताल में सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं संचालित हैं, जिससे दुर्घटना और गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल रहा है। *भवन विस्तार के लिए अन्य विभागों का सहयोग, बढ़ रही बेड क्षमता* 220 बिस्तरीय अस्पताल को पूर्ण रूप से संचालित करने के लिए अतिरिक्त भवनों का उपयोग भी किया जा रहा है। राजस्व विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनपद कार्यालय से भवन उपलब्ध कराए गए हैं। इन भवनों में भी वार्ड और बेड की व्यवस्था विकसित की जा रही है। शासन स्तर से आवश्यक उन्नयन और संचालन के लिए राशि स्वीकृत की गई है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि अगले लगभग दो महीनों में 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल पूरी क्षमता से संचालित होने लगेगा। *स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी जल्द होगी दूर* अस्पताल में वर्तमान में एक ही स्त्री रोग विशेषज्ञ होने से कभी-कभी दिक्कतें आती हैं, खासकर उनके अवकाश पर रहने की स्थिति में। हालांकि जिला स्तर पर समन्वय बनाकर मरीजों को सुविधा दी जा रही है। सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के प्रयासों से एक और स्त्री रोग विशेषज्ञ की ज्वाइनिंग शीघ्र प्रस्तावित है। जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल से भी डॉक्टर बुलाकर गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। *ऑपरेशन और विशेष उपचार में बढ़ी सक्रियता* सिविल अस्पताल में अब विभिन्न विभागों में नियमित ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हाल में किए गए प्रमुख मामलों में शामिल हैं— ENT — Bilateral ear lobe repair ENT — Malignancy true cut biopsy ऑर्थो — Humerus nail implant removal ऑर्थो — Tibia nail implant removal जनरल सर्जरी — Hernioplasty जनरल सर्जरी — Lipoma excision इससे स्पष्ट है कि अब कई सर्जिकल सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं। *उपलब्धियां: ओपीडी से डायलासिस और प्रसव सेवाओं तक बड़ा आंकड़ा* अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक अस्पताल की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं— मरीज सेवाएं (अप्रैल 2025 – जनवरी 2026): कुल ओपीडी — 91,254 मरीज कुल आईपीडी — 6,029 मरीज डायलासिस — 4,087 सफल डायलासिस नार्मल डिलीवरी — 975 प्रसव सी-सेक्शन — 134 ऑपरेशन प्रसव हड्डी रोग ऑपरेशन — 18 सामान्य सर्जरी — 54 ENT ऑपरेशन — 5 रक्त सेवा — 356 मरीजों को ब्लड उपलब्ध। *स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज, बाहर रेफर कम करने का लक्ष्य* अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्नयन के बाद सुविधाएं तेजी से बढ़ी हैं और लक्ष्य है कि अधिकतम मरीजों का उपचार मनेन्द्रगढ़ में ही हो। 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के पूर्ण संचालन के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और मरीजों को सुलभ, त्वरित और किफायती इलाज मिल सकेगा। *स्वास्थ्य मंत्री की सोच: जिला स्तर पर मजबूत हो स्वास्थ्य ढांचा* प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की प्राथमिकता जिला और उपजिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। विभागीय बैठकों और निरीक्षणों में वे लगातार यह निर्देश दे रहे हैं कि अस्पतालों में डॉक्टर, उपकरण, दवा और जांच सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। मंत्री की सोच है कि सिविल अस्पतालों को मिनी-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जाए, जहां सामान्य सर्जरी, महिला एवं प्रसूति सेवाएं, डायलासिस, ट्रॉमा और विशेषज्ञ परामर्श जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें। मनेन्द्रगढ़ का 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल इसी मॉडल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। *लोगों की राय: “अब इलाज के लिए बाहर भागना कम हुआ”* अस्पताल के उन्नयन के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों ने संतोष जताया है। मरीजों और परिजनों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी सर्जरी और जांच के लिए जिला या संभाग मुख्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब कई सुविधाएं यहीं उपलब्ध हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रियाएं — “डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में लाइन कम हुई है और परामर्श जल्दी मिल रहा है।” “डायलासिस सुविधा शुरू रहने से गरीब मरीजों को बड़ी राहत मिली है।” “प्रसूति और ऑपरेशन की सुविधा यहीं मिलने से खर्च और समय दोनों बच रहे हैं।” “अगर स्त्री रोग विशेषज्ञ और बढ़ जाएं तो महिलाओं को और सुविधा मिलेगी।” ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों का कहना है कि बेड क्षमता बढ़ने और नई बिल्डिंगों में वार्ड शुरू होने से भर्ती में भी आसानी हुई है। *आगे की अपेक्षा: विशेषज्ञ सेवाएं और बढ़ें* जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी विजिट, नियमित विशेषज्ञ ओपीडी, आधुनिक जांच मशीनें और ब्लड बैंक की और मजबूती आने वाले समय में इस अस्पताल को क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बना सकती है। लोगों को उम्मीद है कि जिस गति से उन्नयन कार्य चल रहा है, उससे मनेन्द्रगढ़ का सिविल अस्पताल जल्द ही पूरे जिले के लिए भरोसेमंद उपचार केंद्र बन जाएगा। Post navigation आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बना अमृतधारा महोत्सव 2026, भव्य आयोजन में उमड़ा जनसैलाब जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा चिरमिरी, मुख्यमंत्री ने की प्रदेश की खुशहाली की कामना