मो.फ़ारूक़ की रिपोर्ट एमसीबी/17 मार्च 2026/ कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में भारत की जनगणना 2027 को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय चार्ज अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के प्रशासनिक ढांचे को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आगामी जनगणना कार्य बिना किसी त्रुटि और विलंब के सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। *डिजिटल तकनीक से होगी सटीक और पारदर्शी जनगणना* रायपुर से आए सहायक निदेशक मनोज महिलांगे, बलवंत सोमकुवर एवं जिला नोडल अधिकारी अतुल बंसल ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि इस बार की जनगणना पारंपरिक पद्धति से पूरी तरह अलग होगी। जहां पहले कागज आधारित कार्य प्रणाली अपनाई जाती थी, वहीं अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे डेटा संग्रहण तेज, सटीक और पारदर्शी होगा तथा हर स्तर पर निगरानी आसान हो जाएगी। अधिकारियों को यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे केवल भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अनधिकृत लिंक या पोर्टल से दूर रहें, जिससे डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। *हाउस लिस्टिंग और HLB निर्माण से तय होगा कार्यक्षेत्र* प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना का पहला चरण मकान सूचीकरण अर्थात हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन होगा, जिसके अंतर्गत पूरे जिले को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB ) बनाए जाएंगे। उदाहरण के रूप में यदि एमसीबी जिले के किसी शहरी क्षेत्र में लगभग 200 मकान या 800 की आबादी है, तो उसे एक HLB के रूप में चिन्हित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी आधार पर गांवों का सीमांकन किया जाएगा, ताकि प्रत्येक गणनाकर्ता को स्पष्ट कार्यक्षेत्र मिल सके और कोई भी घर छूटने की संभावना न रहे। भवन क्रमांक, घर-घर की पहचान, गांव वार जनसंख्या का सटीक आकलन तथा क्षेत्रीय सीमांकन की जिम्मेदारी चार्ज अधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही आरआई और पटवारियों को यूजर आईडी देकर कार्य में सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे फील्ड स्तर पर कार्य और अधिक प्रभावी बन सके। *स्व-गणना सुविधा और समयबद्ध कार्ययोजना से बढ़ेगी भागीदारी* इस बार जनगणना में स्व-गणना की सुविधा एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में जोड़ी गई है। इसके अंतर्गत शिक्षित एवं डिजिटल रूप से सक्षम नागरिक स्वयं अपने मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी निर्धारित पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे, जिसके बाद प्रगणक द्वारा उसका सत्यापन किया जाएगा। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ डेटा की पारदर्शिता और शुद्धता भी बढ़ेगी। कार्ययोजना के अनुसार 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया संचालित की जाएगी, जबकि 1 मई से 31 मई 2026 तक प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण एवं आवास संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी। इससे पहले 8 अप्रैल 2026 से प्रगणक एवं सुपरवाइजर का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जाएगा। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गर्भवती महिलाएं, दिव्यांगजन तथा सेवानिवृत्ति के निकट कर्मचारी इस कार्य में शामिल नहीं किए जाएंगे, जिससे कार्य की गुणवत्ता और संवेदनशीलता बनी रहे। *सीएमएमएस पोर्टल और रियल टाइम मॉनिटरिंग से मजबूत होगा नियंत्रण तंत्र* इस बार की जनगणना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि HLB का निर्माण उपग्रह चित्रों के आधार पर किया जा रहा है। प्रशिक्षण में अधिकारियों को HLBC वेब मैपिंग एप्लिकेशन के माध्यम से वास्तविक नक्शे पर बस्तियों, सड़कों, स्कूलों और अन्य लैंडमार्क की पहचान कर डिजिटल सीमाएं तय करने का अभ्यास कराया गया। इससे फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों को स्पष्ट दिशा मिलेगी और भ्रम की स्थिति समाप्त होगी। पूरी प्रक्रिया सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी, जो जनगणना 2027 का केन्द्रीय नियंत्रण तंत्र है। इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से यूजर आईडी निर्माण, गणना कर्ताओं की नियुक्ति, प्रशिक्षण मॉड्यूल संचालन और फील्ड से प्राप्त डेटा की निगरानी की जाएगी। उदाहरण के तौर पर यदि भरतपुर विकासखंड में 30 में से केवल 10 HLB का कार्य पूर्ण हुआ है, तो संबंधित चार्ज अधिकारी तुरंत इसकी जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश जारी कर सकेंगे। इसके साथ ही CFMS यानी फीडबैक मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से डेटा की गुणवत्ता पर निरंतर नजर रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की त्रुटि या अपूर्ण जानकारी को तत्काल चिन्हित कर सुधार किया जाएगा, जिससे अंतिम आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से गणना कर्ता मौके पर ही डेटा दर्ज कर उसे तुरंत पोर्टल पर अपलोड करेंगे। उदाहरण के रूप में यदि किसी दूरस्थ ग्राम पंचायत में 20 घरों का सर्वे किया जाता है, तो उसकी जानकारी उसी समय जिला स्तर पर उपलब्ध हो जाएगी। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के लिए माइक्रो प्लान तैयार करें, टीमों का समय पर गठन करें और सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जो भविष्य की योजनाओं और विकास की दिशा तय करता है, इसलिए इसमें सटीकता, पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। Post navigation भरतपुर में पीएमएफएमई योजना पर जागरूकता शिविर आयोजित नशा मुक्त अभियान में चिरमिरी पुलिस का बड़ा प्रहार : दो अलग-अलग स्थानों से दो नशे के सौदागर गिरफ्तार, इंजेक्शन, मोबाइल व मोटरसाइकिल सहित 1.43 लाख की संपत्ति जप्त