मो.फ़ारूक़ की रिपोर्ट DD समाचार के संपादक, संस्थापक व सत्य, साहस और निष्पक्ष लेखनी के प्रतीक द्रोणाचार्य दुबे को मिला बड़ा सम्मान राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू सोनी ने सौंपा दुबे को प्रदेश की कमान, प्रदेश भर के पत्रकारों में खुशी की लहर छत्तीसगढ़, एमसीबी। DD समाचार के संपादक, संस्थापक व पत्रकारिता जगत में अपनी बेबाक लेखनी, निष्पक्ष विचार और सामाजिक सरोकारों पर अडिग कार्यशैली से विशिष्ट पहचान बना चुके द्रोणाचार्य दुबे को छत्तीसगढ़ अधिमान्यता पत्रकार नेतृत्व समिति का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह सम्मान न केवल द्रोणाचार्य दुबे की वर्षों की पत्रकारिता साधना का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में सक्रिय निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। *एक नाम, जो सच को उसके वास्तविक स्वरूप में सामने लाने का हौसला रखता है* द्रोणाचार्य दुबे उन चुनिंदा पत्रकारों में गिने जाते हैं जिनके लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं बल्कि समाज की आँखें और आवाज़ है, उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से अन्याय पर प्रहार, बुराइयों पर चोट और अच्छाइयों को उचित स्थान देने का कार्य निरंतर किया है। इस कारण उन्हें प्रदेश भर में एक ईमानदार, सजग और साहसी कलमकार के रूप में जाना जाता है। *नेतृत्व क्षमता और मजबूत व्यक्तित्व ने दिलाया प्रदेश अध्यक्ष का पद* समिति ने द्रोणाचार्य दुबे को यह दायित्व उनकी तीक्ष्ण पत्रकारिता दृष्टि, सशक्त नेतृत्व क्षमता और पत्रकार हितों की रक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए सौंपा है। उनकी नियुक्ति से समिति की दिशा और उद्देश्य दोनों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद की जा रही है। *चौथा स्तंभ अपने एक मजबूत स्तंभ से हुआ और सुदृढ़* देश के “चौथे स्तंभ” कहे जाने वाली पत्रकारिता को द्रोणाचार्य दुबे जैसे व्यक्तित्व का मिलना किसी सम्मान से कम नहीं। उनकी लेखनी हमेशा सच का साथ देती है। उनकी नज़र हर उस अच्छाई–बुराई पर रहती है जिसे समाज जानना चाहता है। उनके नेतृत्व में समिति न सिर्फ और सशक्त होगी, बल्कि पत्रकारों की आवाज़ को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी। *प्रदेश का गौरव—देश में भी रौशन हो रहा नाम* द्रोणाचार्य दुबे आज सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लेखनी और साहसिक पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में वे अब पत्रकार हितों की रक्षा, संघ की मजबूती, और पत्रकारिता की गरिमा को ऊँचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे। *समाज और पत्रकारिता—दोनों के लिए प्रेरणास्रोत* द्रोणाचार्य दुबे की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि सच्ची, ईमानदार और जन–हितैषी पत्रकारिता को हमेशा सम्मान मिलता है। उनका सफर युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा है और वरिष्ठों के लिए गर्व का विषय। Post navigation अवैध रेत उत्खनन पर बड़ा प्रहार: एमसीबी जिले में 5 ट्रैक्टर जब्त, 82 हजार से अधिक का जुर्माना वसूला जल संरक्षण का संकल्प: जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में भव्य जल उत्सव, लोगों ने लिया जिम्मेदारी निभाने का संकल्प