मो.फ़ारूक़ की रिपोर्ट 

एमसीबी/24 मार्च 2026/ जिला कार्यालय में आज कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक सख्ती और विकास के प्रति प्रतिबद्धता साफ तौर पर नजर आई। बैठक में जिले के सभी विभागों के कार्यों, लंबित प्रकरणों और आगामी योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी, हर कार्य तय समय-सीमा में पूरा होना चाहिए।


बैठक की शुरुआत उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा से हुई, जहां कलेक्टर ने एसडीएम, बीईओ और जनपद सीईओ को इन मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन मामलों में देरी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसे जिले के विकास की “रीढ़” बताते हुए पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष बल दिया। अब डीएमएफ से जुड़े सभी प्रस्ताव केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिससे मॉनिटरिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने सभी विभागों को डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए, ताकि फाइलों का त्वरित निस्तारण हो और कार्यालयीन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आए।
सीएसआर मद के तहत कार्यों के लिए संबधित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य किया गया। साथ ही नालंदा परिसर, नर्सिंग कॉलेज, खेल विभाग, हाईस्कूल भवन, ट्रांजिट हॉस्टल सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि चिन्हांकन कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। खड़गवां क्षेत्र में आधार किटों के प्रभावी उपयोग के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में विशेष आधार कैंप लगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति आधार सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को आधार अपडेट, पोषण ट्रैकर और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
पीवीटीजी सर्वे को गंभीरता से लेते हुए ग्राम स्तर पर सर्वे टीमों का पूर्व निर्धारण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही तीनों जनपदों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की लंबित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
बैठक में कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी, मनरेगा, अखरा विकास योजना, आदर्श ग्राम योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अतिक्रमण हटाने, बैलगाड़ी प्रोजेक्ट, उद्योग, पीडीएस भवन, डीप बोर, लैब स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग ने जानकारी दी कि आगामी तीन माह का राशन एक साथ वितरित किया जाएगा, वहीं राशन ई-केवाईसी 31 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के समापन पर कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि योजनाएं बनाना ही पर्याप्त नहीं है, उनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की असली जिम्मेदारी है। इसके लिए हर विभाग को जवाबदेही, बेहतर समन्वय और तय समय-सीमा में कार्य करना अनिवार्य होगा।

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