मो.फारुक की रोपोर्ट

एमसीबी/29 अप्रैल 2026/ जिला मुख्यालय में आयोजित जिला पंचायत की सामान्य सभा में आज विकास, सुशासन, बजट और जनहितकारी योजनाओं को लेकर व्यापक मंथन हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह की अध्यक्षता में संपन्न इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, सभी जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रशासनिक तैयारियों से लेकर ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि और आधारभूत संरचना तक के मुद्दों पर गंभीर समीक्षा की गई।


बैठक की शुरुआत जनगणना 2027 की तैयारियों से हुई, जहां एसडीएम लिंगराज सिदार ने जनप्रतिनिधियों को मोबाइल ऐप आधारित जनगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस बार जनगणना तकनीक आधारित होगी, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। उन्होंने मकान सूचीकरण और गणना कार्य को सफल बनाने जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही “ज्ञान भारतम” एप के माध्यम से राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें देश की सांस्कृतिक धरोहरों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने की प्रक्रिया समझाई गई।


बैठक में वित्तीय एवं विकासात्मक विषयों पर विशेष चर्चा हुई। कर्मचारियों के वेतन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, 15वें वित्त आयोग, खेल गतिविधियों, यात्रा भत्ता एवं मानदेय से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। आगामी 1 मई से 10 जून तक प्रस्तावित “सुशासन तिहार” को लेकर जिला पंचायत ने तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए। गांव-गांव में जनसमस्या निवारण शिविर लगाने, लंबित आवेदनों का 30 अप्रैल तक निराकरण करने और शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर बल दिया गया। आदिवासी विकास विभाग ने “सर्वे सेतु” ऐप के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) परिवारों के सर्वे की जानकारी दी, ताकि पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच सके। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान की समीक्षा करते हुए टीबी, कुष्ठ, सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
वन विभाग ने तेंदूपत्ता संग्रहण, अवैध बिक्री पर रोक, वन्यजीव हमलों से बचाव और वनाग्नि नियंत्रण पर सतर्कता बरतने को कहा, वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन, ग्रामीण पेयजल योजनाओं, जल गुणवत्ता परीक्षण, हैंडपंप मरम्मत और गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए विशेष रणनीति प्रस्तुत की।
लोक निर्माण विभाग ने सड़क, पुल-पुलिया एवं भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा की, जबकि शिक्षा विभाग ने विद्यालयों की स्थिति, शिक्षक उपलब्धता और छात्र उपस्थिति पर चर्चा की। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी संचालन और कुपोषण मुक्ति अभियान, कृषि विभाग ने बीज-खाद एवं सिंचाई योजनाएं, पशुपालन विभाग ने पशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण, तथा खाद्य विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त जल संसाधन, राजस्व, उद्योग, श्रम, खनिज, उद्यानिकी, मत्स्य एवं रेशम विभागों ने भी अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने पेयजल, बिजली, सड़क, राशन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुंचे। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता, जवाबदेही और समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रशासनिक मशीनरी जनहित को केंद्र में रखकर कार्य करे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू एवं सीईओ अंकिता सोम ने भी सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ सुशासन और विकास को गति देने के निर्देश दिए। जिला पंचायत की यह सामान्य सभा आगामी सुशासन तिहार, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के रूप में देखी जा रही है।

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