मो.फ़ारूक़ की रिपोर्ट मंत्री का बयान – 99 प्रतिशत गाइड लाइन है पूरी, अपील में जाकर लाएंगे मान्यता एमसीबी, मनेंद्रगढ़, 12 जून 2026। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) द्वारा छत्तीसगढ़ के पांच नए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने की खबर के बाद एमसीबी कलेक्ट्रेड में मीडिया के सामने कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। श्री जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि “मैच अभी बाकी है” और राज्य सरकार अपील के जरिए सभी कॉलेजों को मान्यता दिलाने के लिए पूरी ताकत से प्रयास करेगी। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने स्पष्ट किया कि दंतेवाड़ा, कवर्धा, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सरकार ने इसी शिक्षा सत्र से पढ़ाई शुरू कराने के उद्देश्य से NMC के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के लिए निर्धारित लगभग 99 प्रतिशत मानकों और दिशानिर्देशों का पालन किया जा चुका है तथा शेष कमियों को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि NMC के निर्णय के खिलाफ अपील करने के लिए निर्धारित समय उपलब्ध है और राज्य सरकार जल्द ही अपील दायर करेगी। उन्हें विश्वास है कि सभी आवश्यक मापदंड पूरे होने के बाद इन कॉलेजों को मान्यता मिल जाएगी और इसी सत्र से छात्रों का प्रवेश भी शुरू हो सकेगा। कांग्रेस द्वारा सरकार को घेरने के प्रयासों पर जवाब देते हुए जायसवाल ने कहा कि विपक्ष को पहले अपने कार्यकाल का आकलन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में एक भी नया मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं कर सकी, जबकि वर्तमान सरकार एक साथ पांच मेडिकल कॉलेज शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव पर निशाना साधते हुए जायसवाल ने कहा कि दूसरों पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकाल की उपलब्धियों पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। दवाओं में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी सोच का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती शासनकाल से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच एजेंसियों को सौंपी है और संदिग्ध भुगतानों पर रोक लगाने जैसी कार्रवाई भी की है। जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मेडिकल कॉलेजों के लिए शिक्षकों की नियुक्तियां की जा चुकी हैं तथा अन्य आवश्यक स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया जारी है। सरकार का लक्ष्य सभी मापदंडों को पूरा कर प्रदेश के पांचों नए मेडिकल कॉलेजों को जल्द शुरू करना है। उन्होंने दोहराया कि NMC की आपत्तियां प्रक्रिया का हिस्सा हैं और राज्य सरकार उनका समाधान कर मान्यता प्राप्त करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त है। “अभी मैच खत्म नहीं हुआ है, हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में हैं और मेडिकल कॉलेज शुरू होकर रहेंगे,” मंत्री ने कहा। Post navigation DMF की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की विकास कार्यों की समीक्षा