मो.फ़ारूक़ की रिपोर्ट 

खड़गवां। क्षेत्र में अवैध उत्खनन और रेत परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खानिज विभाग की कार्रवाई के बावजूद खनन माफिया सक्रिय हैं, जिससे न केवल शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि वन संपदा पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
हाल ही में विभागीय टीम ने कार्रवाई करते हुए रेत से भरे एक ट्रैक्टर को जब्त किया। बताया जा रहा है कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची, जिसकी भनक लगते ही ट्रैक्टर चालकों के द्वारा ट्रैक्टर लेकर वहां से फरार हो गए।

👉 1. लगातार अवैध उत्खनन:
क्षेत्र में नदी-नालों और आसपास के इलाकों से अवैध रूप से रेत निकासी जारी है।
👉 2. वन संपदा को नुकसान:
अवैध खनन के चलते जंगलों के रास्तों का उपयोग हो रहा है, जिससे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंच रहा है और पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है।
👉 3. राजस्व को भारी क्षति:
बिना अनुमति रेत उत्खनन और परिवहन से शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
👉 4. कार्रवाई से पहले सूचना लीक:
अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र की दूरी अधिक होने और कार्रवाई की भनक पहले ही लग जाने के कारण आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं।
👉 5. विभागीय लापरवाही पर सवाल:
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाना, विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
👉 6. स्थानीय लोगों में आक्रोश:
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
प्रशासन से मांग:
स्थानीय लोगों ने अवैध उत्खनन पर स्थायी रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी, नियमित गश्त और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, जब्त ट्रैक्टर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब थमेगा खड़गवां में अवैध खनन का खेल?

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